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मेरा भारत, मेरी पहचान

                
                                                         
                            आजादी का पर्व है, खुशियों का पैगाम है,
                                                                 
                            
मेरा भारत देश ही मेरी पहचान है।
तिरंगे की शान में, हर दिल कुर्बान है,
इस मिट्टी की खुशबू में, बसा हिंदुस्तान है।

वीरों की शहादत का, ये पावन सम्मान है,
उनके बलिदानों से, रोशन मेरा जहान है।
सरहद पर खड़ा सैनिक, देश की आन-बान है,
उसकी वजह से महफ़ूज़, अपना हिंदुस्तान है।

गंगा की धारा है, हिमालय की शान है,
हर भाषा, हर संस्कृति, भारत की पहचान है।
अलग-अलग हैं रंग मगर, दिलों में एक जान है,
एकता के बंधन में, जुड़ा हिंदुस्तान है।

मंदिर हो या मस्जिद, गुरुद्वारा या धाम है,
हर दिल में बसता भारत, यही इसकी पहचान है।
आजादी की इस हवा में, खुशियों की उड़ान है,
मेरा भारत देश ही मेरी पहचान है।

नमन उन वीरों को, जिन्होंने जान गँवाई है,
तब जाकर ये आजादी, हमने आज पाई है।
उनके सपनों का भारत, बनाना अब अरमान है,
मेरा भारत देश ही मेरी पहचान है।

 
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15 घंटे पहले

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