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चंद लफ्ज

                
                                                         
                            चंद लफ्ज हर रोज उसकी याद मे निकल पड़ते हैं
                                                                 
                            
कितनी मोहब्बत है उससे ऐसा कहने से डरते हैं
उसका मुझसे यु हस्के बात कर लेना दुनिया को अखरता है
उन्हे भी शक रहता है की क्या हम एक दूसरे से प्यार करते हैं
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक वर्ष पहले

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