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वाणी प्रकाशन की पहल: ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास और अध्ययन की नयी दृष्टि’पर व्याख्यानमाला 

वाणी प्रकाशन की पहल: ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास और अध्ययन की नयी दृष्टि’पर व्याख्यानमाला
                
                                                         
                            वाणी प्रकाशन और डॉ. प्रभाकर सिंह बी एच यू  के संयोजन में  ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास: अध्ययन की नयी दृष्टि’ व्याखान माला  का आयोजन  22 जून तक वाणी डिजिटल के तहत सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लेके आया है।  15 दिन 15 व्याख्यानों में देश के कोने-कोने मसलन शिलांग से लेकर राजस्थान तक और पंजाब से लेकर केरला तक के हिन्दी साहित्य के शीर्षस्थ विचारक, बौद्धिक प्राध्यापक रोज शाम 5 से 6 बजे वाणी प्रकाशन के सभी सोशल मीडिया  प्लेटफ़ॉर्म पर उपस्थित रहेंगे।
                                                                 
                            
 

वाणी प्रकाशन की पहलPC: amar ujala

हिन्दी साहित्य का इतिहास:अध्ययन की नई दृष्टि  विषयक 15 व्याख्यानों की श्रृंखला का पहला  व्याख्यान लेखक विद्वान, चिन्तक व काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ,वाराणसी के प्रो. सदानन्द शाही ने दिया।उनका वक्तव्य आदिकाल पर केंद्रित था।
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6 वर्ष पहले

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