पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी के निधन के तीन साल बाद उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने किताब लिखी है - प्रणब माय फ़ादर। किताब में प्रणब मुखर्जी की डायरी के हिस्सों को भी जोड़ा गया है। रुपा पब्लिकेशन से आई ये किताब आते ही सुर्खियों में है कारण है कांग्रेस नेता के द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणियां। शर्मिष्ठा ने पिता के हवाले से बताया है कि वे राहुल गांधी को अपरिपक्व नेता मानते थे हालांकि अगर वे ज़िंदा होते और तो उनकी भारत जोड़ो यात्रा की प्रशंसा भी करते। उनके ऑफ़िस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए बताया गया है कि जिन लोगों को एएम और पीएम का फ़र्क़ नहीं पता वे आने वाले समय में पीएमओ कैसे चला सकते हैं। किताब में एक जगह राहुल को अपरिपक्व नेता बताते हुए लिखा गया है कि वे कई बार महत्वपूर्ण मीटिंग में नहीं जाते थे, किसी बात को गंभीरता से नहीं लेते हैं। उनकी आदत है कि वे एक विषय से बहुत ही जल्द दूसरे विषय पर चले जाते हैं। ऐसे में वे एक विषय को ही कितनी समझ पाते होंगे और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी उन्हें कमान सौंपना चाहती हैं।
2003 में यूपीए की सरकार आने पर प्रणब ने पहले ही कहा था कि प्रबल दावेदार होने के बाद भी उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनाया जाएगा। एक जगह वे बताते हैं कि नरेंद्र मोदी विपरीत विचारधारा के होने के बाद भी उनके पैर छूते थे। तब प्रणब मुखर्जी ने उनसे कहा था कि भले वे विपरीत विचारधारा के हैं लेकिन जनादेश का सम्मान करते हैं।
पूरी किताब कांग्रेस नेता, पार्टी के साथ उनके अनुभवों और हाईकमान के आदेशों पर है। राजनीतिक गलियारों में अक्सर ही ऐसी किताबों की चर्चा होती है। कांग्रेस नेता भड़क गए हैं, उनका कहना है कि बीजेपी तीसरे व्यक्ति के सहारे उनकी पार्टी पर हमला बोलती है। ये कहना इसलिए और भी आसान इसलिए है क्यूंकि शर्मिष्ठा सक्रिय राजनीति में नहीं है। अब ख़ास तौर पर अब जब अगले साल आम चुनाव हैं और किताब कई खुलासे करती हुुई लोगों के सामने आई है, चुनावों पर इसका क्या असर होगा ये देखना दिलचस्प होगा।
2 वर्ष पहले
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