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कविता के ज़रिए प्रधानमंत्री मोदी ने किया सागर से संवाद

PM modi writes poem on mahabalipuram ocean
                
                                                         
                            हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ तमिलनाडु के महाबलीपुरम् के तट पर थे। इसी दौरान उन्हें कुछ पल समंदर के साथ भी मिले। इस संबंध में उन्होंने ट्वीट करते हुए एक कविता लिखी -
                                                                 
                            

उन्होंने लिखा कि 
"कल महाबलीपुरम में सवेरे तट पर टहलते-टहलते सागर से संवाद करने में खो गया। ये संवाद मेरा भाव-विश्व है। इस संवाद भाव को शब्दबद्ध करके आपसे साझा कर रहा हूं"

कविता

हे सागर
तुम्हें मेरा प्रणाम

तू धीर है, गंभीर है,
जग को जीवन देता, नीला है नीर तेरा
ये अथाह विस्तार, ये विशालता,
तेरा ये रूप निराला

हे सागर
तुम्हें मेरा प्रणाम

सतह पर चलता ये कोलाहल, ये उत्पात,
कभी ऊपर तो कभी नीचे।
गरजती लहरों का प्रताप,
ये तुम्हारा दर्द है, आक्रोश है
या फिर संताप ?
तुम न होते विचलित
न आशंकित, न भयभीत
क्योंकि तुममें है गहराई।

हे सागर
तुम्हें मेरा प्रणाम
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6 वर्ष पहले

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