अवध के भूले बिसरे स्वाद विषय पर प्रो पुष्पेश पंत की कोशल लिटरेचर फेस्टिवल में उर्मिला सिंह और नीतू सिंह से बातचीत हुई। उर्मिला सिंह व नीतू सिंह ने बताया कि खानपान का सम्बंध पुराणों से भी है। पुष्पेश पंत ने बताया कि इनकी पुस्तक में ऐसे ऐसे जायके हैं, जो मुंह में पानी ला सकते हैं। जैसे चोखा चटनी को ही ले लीजिए, दोनों अलग अलग प्रकार के व्यंजन हैं, उनकी खासियतें अलग हैं। लहसुन के अचार की जो विधि आपने बताई है, नायाब है। जो कहीं नहीं मिलती। बिना छिलके वाले आम का हींग वाला अचार भी खास है तथा कच्चे व पके आंवलों का अचार भी शानदार है। नीतू सिंह ने बताया कि मोटे अनाज की डिशेज भी हैं, जिनके बारे में लोगों को बहुत जानकारी नहीं है। वहीं पुष्पेश पंत ने कहाकि पारंपरिक व्यंजनों को मार्किट के अनुरूप नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा मैंने कल एक पनीर डोसा खाया, जो अंदर से पिज़्ज़ा जैसा था।
3 वर्ष पहले
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