आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

Koshala Literature Festival:अनोखी डिशेज का गढ़ है अवध

Koshala Literature Festival: Awadh is the stronghold of unique dishes
                
                                                         
                            अवध के भूले बिसरे स्वाद विषय पर प्रो पुष्पेश पंत की कोशल लिटरेचर फेस्टिवल में उर्मिला सिंह और नीतू सिंह से बातचीत हुई। उर्मिला सिंह व नीतू सिंह ने बताया कि खानपान का सम्बंध पुराणों से भी है। पुष्पेश पंत ने बताया कि इनकी पुस्तक में ऐसे ऐसे जायके हैं, जो मुंह में पानी ला सकते हैं। जैसे चोखा चटनी को ही ले लीजिए, दोनों अलग अलग प्रकार के व्यंजन हैं, उनकी खासियतें अलग हैं। लहसुन के अचार की जो विधि आपने बताई है, नायाब है। जो कहीं नहीं मिलती। बिना छिलके वाले आम का हींग वाला अचार भी खास है तथा कच्चे व पके आंवलों का अचार भी शानदार है। नीतू सिंह ने बताया कि मोटे अनाज की डिशेज भी हैं, जिनके बारे में लोगों को बहुत जानकारी नहीं है। वहीं पुष्पेश पंत ने कहाकि पारंपरिक व्यंजनों को मार्किट के अनुरूप नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा मैंने कल एक पनीर डोसा खाया, जो अंदर से पिज़्ज़ा जैसा था।
                                                                
                
                
                 
                                
                                                
3 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर