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Book Launch: नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की किताब ‘तुम पहले क्यों नहीं आए’ का लोकार्पण

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‘तुम पहले क्यों नहीं आए’ में दर्ज हर कहानी अंधेरों पर रौशनी की, निराशा पर आशा की, अन्याय पर न्याय की, क्रूरता पर करुणा की और हैवानियत पर इंसानियत की जीत का भरोसा दिलाती है। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की पुस्तक का लोकार्पण कॉन्सिटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राजकमल प्रकाशन एवं इंडिया फॉर चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। ‘तुम पहले क्यों नहीं आए’ में जिन बच्चों की कहानियां हैं उनमें से कई को संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच से विश्व नेताओं से मुखातिब होने और बच्चों के अधिकार की मांग उठाने के मौके भी मिले। इसके बाद बेहतर बचपन को सुनिश्चित करने के लिए कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कानून भी बने। 

कार्यक्रम से ठीक पहले बच्चों के ‘हम निकल पड़े हैं’  समूह गान और नारों ने वातावरण को उल्लास से भर दिया। इस दौरान बच्चों ने ‘हर बच्चे का है अधिकार, रोटी खेल पढ़ाई प्यार’ का नारा लगाया। इसके बाद प्रख्यात अभिनेता अनुपम खेर, नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी, सुमेधा कैलाश, राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक माहेश्वरी और पुस्तक के नायक व पूर्व बाल मजदूरों ने किताब का लोकार्पण किया। अपने संबोधन में अनुपम खेर ने कहा, ‘फिल्मों के नायक भले ही लार्जर देन लाइफ हों, लेकिन सत्यार्थी जी ने असली नायकों को बनाया है। वे खुद में एक प्रोडक्शन हाउस हैं।’ दिग्ग्ज अभिनेता ने कहा, ‘फिल्मों में जो नायक-नायिका होते हैं वे नकली होते हैं, असली नायक-नायिका तो इस किताब के बच्चे हैं, जिन्हें कैलाश सत्यार्थी जी ने बनाया है। ये आपकी ही नहीं देश की भी पूंजी हैं। मैं लेखक के साथ राजकमल प्रकाशन को भी बधाई देता हूं कि उन्होंने ऐसी किताब प्रकाशित की है।’

दिग्गज अभिनेता ने कहा,  ‘जैसा कि महात्मा गांधी जी ने कहा था कि उनका जीवन ही उनका संदेश है, ठीक वैसे ही कैलाश सत्यार्थी जी का जीवन ही उनका संदेश है।’ इसके बाद अनुपम खेर ने किताब की भूमिका के कुछ अंश भी पढ़कर सुनाए। अनुपम खेर से बातचीत में कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि अगर इन कहानियों को पढ़कर आपकी आंखों में आंसू आते हैं तो वह आपकी इंसानियत का सबूत है। बच्चों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। हमारे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम खुद भी अपने भीतर के बच्चे को पहचानें। 

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3 वर्ष पहले

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