डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम की इस पुस्तक 'पॉवर विदिनः द लीडरशिप लीगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी' में भारतीय सिद्धांतों से प्रेरित नेतृत्व के सफर का विश्लेषण किया गया है,भारतीय परिदृश्य से नेतृत्व के गहन विश्लेषण, पॉवर विदिन में महत्वाकांक्षी लोकसेवकों और नेतृत्वकर्ताओं के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।
‘‘इस पुस्तक में विश्लेषण किया गया है कि स्वदेशी शिक्षा और सदियों पुराना ज्ञान किस प्रकार आज के वैश्विक नेतृत्व की जानकारी बढ़ाकर दुनिया में सबसे ज्यादा वंचित समुदायों की प्रगति में तेजी ला सकता है।’’ - बिल गेट्स
‘‘एक विचारोत्तेजक पुस्तक जो शक्तिशाली नेतृत्व की धारणाओं और दृष्टिकोणों में परिवर्तन ला देगी।’’ - आनंद महिंद्रा
‘‘आर बालासुब्रमण्यम की पॉवर विदिनः द लीडरशिप लीगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी नेतृत्व के समीकरण का प्रभावशाली विश्लेषण है, जिसने भारत को नई ऊँचाईयों पर पहुँचा दिया है।’’ - फाल्गुनी नायर
इस पुस्तक का विमोचन अजय पिरामल, चेयरमैन, पिरामल ग्रुप; नीति आयोग के पूर्व सीईओ, अमिताभ कांत; नैस्कॉम के प्रेसिडेंट, देबजनी घोष और आईआईएम बैंगलुरू के प्रोफेसर बी महादेवन द्वारा प्रधानमंत्री संग्रहालय में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। जिसमें विचारकों, जनसेवकों, उद्योग के नेतृत्वकर्ताओं, नीति निर्माताओं, और पाठकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अनुभवों की नजर से भारतीय सभ्यता के ज्ञान का विश्लेषण करने के लिए हिस्सा लिया। इसके बाद लेखक के साथ एक पैनल वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें गणमान्य नागरिकों, अमिताभ कांत, देबजनी घोष, और प्रोफेसर बी महादेवन ने एक विचारोत्तेजक चर्चा में हिस्सा लिया।
2 वर्ष पहले
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