अनुपमा गुप्ता पेशे से चिकित्सक-शिक्षक हैंै। यह उनका पहला कविता-संग्रह है, जिसमें छोटी-बड़ी कई खूबसूरत कविताएं हैं। ये कविताएं मनुष्यता और दरकती संवेदनशीलता की पड़ताल करती हैं। संग्रह की कविताओं में मानवीय अनुभवों और उनके सूक्ष्मतम निहितार्थों के साथ-साथ मानव और प्राकृतिक दुनिया के अलग-अलग पड़ावों के बिंब हैं। मानवीय सरोकारों के निरंतर फैलते हुए क्षितिज को रेखांकित करते हुए ये बिंब कविताओं की एक दुर्लभ विशेषता है। इन कविताओं की संवेदना और स्त्रीवादी तेवर से एक सहज उपलब्धि है।
किताब- दिल दियां गल्लां
लेखिका- अनुपमा गुप्ता
प्रकाशक- द मार्जिनलाइज्ड पब्लिकेशन, नई दिल्ली
मूल्य- 200 रुपये
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