वह इंटरव्यू से पहले व्यापक होमवर्क करते हैं और तीखे और बेधक सवाल पूछने से डरते नहीं हैं। सामने वाले को घेरने के कौशल ने उन्हें पर्याप्त ख्याति दी है, और कुख्याति भी।
करन थापर ने अपने इंटरव्यू कौशल से राष्ट्रीय मीडिया में अपनी अलग जगह बनाई है। वह इंटरव्यू से पहले व्यापक होमवर्क करते हैं और तीखे और बेधक सवाल पूछने से डरते नहीं हैं। सामने वाले को घेरने के कौशल ने उन्हें पर्याप्त ख्याति दी है, और कुख्याति भी। इंटरव्यू की यह कला उन्होंने एलडब्ल्यूटी (लंडन वीकेंड टेलीविजन) के प्रोग्राम डायरेक्टर जॉन बिर्ट से सीखी, जिन्होंने इस विधा को ऐसी ऊंचाई पर पहुंचाया कि टीवी पर उनके इंटरव्यू एक समय पूरे ब्रिटेन में ध्यान से देखे जाते थे।
ऑक्सफोर्ड की अंग्रेजी और ब्रिटिश मीडिया में काम करने के पूर्व अनुभव ने, जाहिर है, करन थापर को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कद्दावर बनाया है। परवेज मुशर्रफ, जयललिता, नरेंद्र मोदी (अधबीच में खत्म हुआ) और मैच फिक्सिंग पर कपिल देव से लिया गया इंटरव्यू, जिसमें कपिल की रोती हुई तस्वीर अगले दिन अखबारों की सुर्खियां बनी थीं, करन थापर के खास इंटरव्यू में से रहे हैं।
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करन थापर ने यहां अपने
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