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भारत भूमि हमारी है: मेरे देश की धरती...

Bharat bhoomi humari hai book review in hindi
                
                                                         
                            

 

संग्रह के गीत हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हैं। कवि ने राष्ट्र के प्रति समर्पण और उसके उत्थान के लिए आपसी सद्भाव को सर्वोपरि माना है। राष्ट्र गौरव को कवि ने अपने गीतों में जिस प्रकार उकेरा है, वह उत्तम है। कवि की आशा है कि देश विकसित और समृद्धशाली हो, लेकिन इसके साथ ही वह सचेत भी करते हैं। इन गीतों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता की बात भी की है। वहीं, जल-संरक्षण, श्रम की महत्ता और फसल-चक्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बात की है।  

 

किताब- भारत भूमि हमारी है
कवि- विजय ठाकुर
प्रकाशक- श्री गांधी पुस्तकालय शाहजहांपुर
मूल्य- 200 रुपये

7 वर्ष पहले

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