चीन और अमेरिका में बढ़ते तनावपूर्ण रिश्तों के बीच नए चीनी राजदूत किन गांग वाशिंगटन पहुंचे। उन्होंने दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक और विवादास्पद संबंधों में नई चुनौतियों को रेखांकित किया।
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इस दौरान उन्होंने किसी भी आलोचनात्मक टिप्पणी से परहेज किया। हालांकि इससे पहले पश्चिमी देशों और अमेरिका के प्रति उनकी सार्वजनिक टिप्पणियां अन्य चीनी राजदूतों की तुलना में ज्यादा सख्त रही हैं।
वाशिंगटन में चीनी दूतावास की तरफ से पोस्ट किए गए बयान में गांग ने कहा, चीन और अमेरिका आपसी समझ विकसित करने और अनुकूलन के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। वे नए दौर में एक दूसरे साथ चलने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं। वे ऐसे समय में अमेरिका पहुंचे हैं, जब दोनों देशों के रिश्ते पिछले कुछ दशकों के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हे।
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कारोबार, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, मानवाधिकार और चीन की विदेश नीति समेत कई मामलों पर दोनों देशों के बीच जबरदस्त मतभेद हैं। 55 वर्षीय गांग हाल ही में चीन के नौ उप विदेश मंत्रियों में शामिल थे और वह दो बार मंत्रालय के प्रवक्ता रहे हैं।
वर्तमान में चीन में अमेरिका का कोई राजदूत नहीं है, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन नाटो के पूर्व राजदूत और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निकोलस बर्न्स को इस पद के लिए नामित कर सकते हैं।