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22 देशों में हुआ अध्ययन: कोरोना महामारी के कारण अंग प्रत्यारोपण में आई भारी गिरावट

Wed, 01 Sep 2021 03:08 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

ब्रिटेन के एनएसएच (नेशनल हेल्थ सर्विस) के रक्त और प्रत्यारोपण संबंधी आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 में ट्रांसप्लांट के मामलों में सामान्य दिनों की तुलना में 20 फीसदी की गिरावट आई। इस अवधि में 3,391 ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए, जबकि उसके पहले की उसी अवधि में 4,761 ट्रांसप्लांट हुए थे...
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार
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ये अंदाजा तो पहले से था, लेकिन अब एक अध्ययन से भी इस बात की पुष्टि हुई है कि कोरोना महामारी का दूसरे रोगों से संबंधित सर्जरी पर बहुत खराब असर हुआ है। ये बात पूरी दुनिया में देखने को मिली है। अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक 2019 से 2020 तक अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) की संख्या में भारी गिरावट आई। इसका कारण यह था कि महामारी फैलने के साथ अस्पतालों का ध्यान कोरोना मरीजों पर केंद्रित हो गया। अस्पतालों के ज्यादातर आईसीयू बेड कोरोना मरीजों से भर गए। इस कारण अंग प्रत्यारोपण की सर्जरी को टालना पड़ा।

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ब्रिटेन के एनएसएच (नेशनल हेल्थ सर्विस) के रक्त और प्रत्यारोपण संबंधी आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 में ट्रांसप्लांट के मामलों में सामान्य दिनों की तुलना में 20 फीसदी की गिरावट आई। इस अवधि में 3,391 ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए, जबकि उसके पहले की उसी अवधि में 4,761 ट्रांसप्लांट हुए थे। इस दौरान अंग प्रत्यारोपण ना होने के कारण 487 लोगों की मृत्यु हो गई। ब्रिटेन में अभी लगभग सात हजार लोग अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं। ये संख्या आठ साल में सबसे ज्यादा है।

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लांसेट पब्लिक हेल्थ में छपी एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में अब तक किडनी, लीवर, फेफड़े और हृदय ट्रांसप्लांट के मामलो में 31 फीसदी की गिरावट देखी गई है। ये अध्ययन 22 देशों में किया गया। यूरोपियन सोसायटी फॉर ऑर्गन ट्रांसप्लांट नाम की संस्था ने ये अध्ययन कराया है। इस अध्ययन के मुताबिक उन देशों में 2020 में ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामलों में 16 फीसदी की गिरावट आई थी।

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अध्ययनकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है- ‘ट्रेंड यह दिखा कि महामारी के पहले तीन महीनों में दुनिया भर में अंग ट्रासंप्लांट के मामलों में गिरावट आई। पिछले साल जून तक इस मामले थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में फिर गिरावट आ गई।’ रिपोर्ट में बताया गया है कि अध्ययनकर्ताओं ने हर देश में कोविड-19 संक्रमण के 100 मामले सामने आने के बाद अंग प्रत्यारोपण की संख्या पर गौर किया। उसकी तुलना उसके पहले के साल में हुए अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशनों से की गई। इससे उन तमाम देशों में एक जैसा रूझान नजर आया।

अध्ययन के मुताबिक कोविड-19 महामारी का सबसे बुरा असर किडनी ट्रांसप्लांट के मामलों पर पड़ा। उन 22 देशों में किडनी ट्रांसप्लांट के मामलों में 19.14 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। उन देशों के कुल आंकड़ों पर गौर करें, तो एक साल पहले की उसी अवधि की तुलना में किडनी प्रत्यारोपण के 8,560 कम ऑपरेशन हुए।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि अंग प्रत्यारोपण के कई मामलों में सर्जरी को कुछ समय तक टालना संभव बना रहता है। संभवतया इसीलिए अस्पतालों ने बहुत से मामलों को टाल कर कोविड-19 के मरीजों के इलाज पर ज्यादा ध्यान दिया। लेकिन देखने में यह आया है कि ऐसे कई देशों में भी अंग प्रत्यारोपण के मामलों में गिरावट आई, जिन पर दौर में कोरोना महामारी का ज्यादा असर नहीं पड़ा था। अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक वहां ऐसा क्यों किया गया, इस बारे में अधिक शोध की जरूरत है।
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