अध्ययनकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है- ‘ट्रेंड यह दिखा कि महामारी के पहले तीन महीनों में दुनिया भर में अंग ट्रासंप्लांट के मामलों में गिरावट आई। पिछले साल जून तक इस मामले थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में फिर गिरावट आ गई।’ रिपोर्ट में बताया गया है कि अध्ययनकर्ताओं ने हर देश में कोविड-19 संक्रमण के 100 मामले सामने आने के बाद अंग प्रत्यारोपण की संख्या पर गौर किया। उसकी तुलना उसके पहले के साल में हुए अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशनों से की गई। इससे उन तमाम देशों में एक जैसा रूझान नजर आया।
अध्ययन के मुताबिक कोविड-19 महामारी का सबसे बुरा असर किडनी ट्रांसप्लांट के मामलों पर पड़ा। उन 22 देशों में किडनी ट्रांसप्लांट के मामलों में 19.14 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। उन देशों के कुल आंकड़ों पर गौर करें, तो एक साल पहले की उसी अवधि की तुलना में किडनी प्रत्यारोपण के 8,560 कम ऑपरेशन हुए।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि अंग प्रत्यारोपण के कई मामलों में सर्जरी को कुछ समय तक टालना संभव बना रहता है। संभवतया इसीलिए अस्पतालों ने बहुत से मामलों को टाल कर कोविड-19 के मरीजों के इलाज पर ज्यादा ध्यान दिया। लेकिन देखने में यह आया है कि ऐसे कई देशों में भी अंग प्रत्यारोपण के मामलों में गिरावट आई, जिन पर दौर में कोरोना महामारी का ज्यादा असर नहीं पड़ा था। अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक वहां ऐसा क्यों किया गया, इस बारे में अधिक शोध की जरूरत है।