14 साल बाद भगवान लाटू देवता का अपनी बहन सिमली सिद्धपीठ की श्रीराजराजेश्वरी चंडिका देवी से मिलन होने जा रहा है। शनिवार को विधि-विधान से बसक्वाली गांव से सेनू के ग्रामीण लाटू देवता के निशान को सिमली चंडिका मंदिर लाएंगे। जिसके बाद लाटू देवता मंदिर से चंडिका को भ्रमण के लिए बाहर बुलाएंगे। देवी के बाहर आते ही चंडिका देवी की बन्याथ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। तीन दिनों तक मंदिर परिसर में पूजा अर्चना के बाद 11 सितंबर को देवी 10 माह के भ्रमण के लिए रवाना होंगी। जिसके लिए मंदिर परिसर में तैयारियां की जा रही हैं।