काशीपुर में ऐतिहासिक चैती मेला स्थित उज्जैनी शक्तिपीठ मां भगवती बाल सुंदरी का डोला चैत्र नवरात्र की अष्टमी को तड़के विधि-विधान से चैती मंदिर पहुंच गया। वहीं मां भगवती के गर्भगृह में विराजमान होने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ पड़ी। मोहल्ला कानूनगोयान स्थित नगर मंदिर (पंडा आवास) से बुधवार मध्यरात्रि के बाद लगभग तीन बजे रवाना हुए डोले के दर्शन करने को रातभर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर जमा रही। इससे पहले मां बाल सुंदरी देवी का श्रृंगार करने के बाद पं. दयाशंकर जोशी ने पंडा परिवार के सदस्यों को पूजा-अर्चना कराई। पूर्णाहुति के बाद प्रतीकात्मक स्वरूप जायफल, नारियल की बलि दी गई। तड़के लगभग साढ़े तीन बजे पंडा विकास अग्निहोत्री नगर मंदिर से देवी की स्वर्ण मूर्ति लेकर डोले में बैठे। पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच कहार डोला उठाकर नंगे पांव काली माता मंदिर रोड से मनसा देवी मंदिर और आर्य समाज स्कूल रोड से पुरानी सब्जी मंडी होते चैती मंदिर की ओर बढ़ चले। इस दौरान मुख्य बाजार, एमपी चौक से पटेल नगर व द्रोणासागर मार्ग से होते हुए लगभग साढ़े चार बजे डोला चैती मंदिर पहुंचा। यहां पूजा-अर्चना और आरती के बाद देवी मां की मूर्ति को गर्भगृह में सार्वजनिक दर्शनों के लिए विराजमान किया गया। मंदिर परिसर के आसपास देवी के दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा थी। देवी मूर्ति के मेले में आने के साथ ही मेला परवान चढ़ गया है। स्थानीय के साथ ही दूरदराज से प्रसाद चढ़ाने आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर भवन में उमड़ पड़ी। मां बाल सुंदरी की जय के गगनभेदी उद्घोष से मंदिर भवन गुंजायमान हो गया। इस बार श्रद्धालु 31 मार्च की अर्धरात्रि तक मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन कर प्रसाद अर्पित कर सकेंगे।