रुद्रपुर में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले इंजीनियरों ने 27 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। लंबित मांगों का निराकरण न होने पर आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। सिंचाई विभाग के कार्यालय परिसर में महासंघ जिलाध्यक्ष ज्योति रावत के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दौरान इंजीनियरों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की। कहा कि शासन इंजीनियरों की लंबित मांगों पर कार्यवाही नहीं कर रहा है। महासंघ लंबे समय से कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगति का मामला उठाया जा रहा है। प्रारंभिक ग्रेड वेतन एक जनवरी 2006 से अनुमन्य करने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। सेवाकाल में तीन पदोन्नति की मांग की भी अनदेखी की जा रही है। महासंघ जिलाध्यक्ष ज्योति रावत ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद विभागों में नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को दस वर्ष की सेवा पूरी करने के उपरांत पूर्व की भांति ग्रेड पे 5400 देने की मांग को भी अनसुना किया जा रहा है। पेयजल निगम और जल संस्थान का राजकीयकरण करने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। पेयजल निगम और जल संस्थान कर्मियों को महीनों तक वेतन नहीं मिल पा रहा है। कहा कि 27 सूत्री मांगों को लेकर 18 फरवरी को डीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया जाएगा। धरने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोनिवि के जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह ऐरी, डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ पेयजल के प्रांतीय महासचिव बीसी जोशी, इंजीनियर योगेश ततराड़ी, हरीश बसेड़ा, केशव लाल, आनंद बल्लभ जोशी, मनीष तिवादी समेत बड़ी संख्या में इंजीनियर मौजूद थे।