रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अंतर्गत उत्तरी और दक्षिणी जखोली रेंज में वन्य जीवों संग सह-अस्तित्व विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने वन, वन्य जीव और मानव के बीच के अटूट संबंध को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रकृति के संतुलन के लिए इन तीनों का सामंजस्य अनिवार्य है। कार्यशाला में मुख्य वक्ता एवं तितली ट्रस्ट के वन्य जीव विशेषज्ञ राजेश भट्ट ने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि मानव जीवन का अस्तित्व तभी तक सुरक्षित है जब तक हम वन्य जीवों के साथ सह-अस्तित्व की भावना से रहना नहीं सीख लेते। उन्होंने बताया कि जानवर आमतौर पर इंसानों पर सीधा हमला तब तक नहीं करता जब तक उसे यह न लगे कि सामने वाला जीव उसके आकार से छोटा है या उससे उसे कोई खतरा है। कार्यशाला में दोनों रेंजों के वन क्षेत्राधिकारी दक्षिणी रेंज हरीश थपलियाल व उत्तरी जखोली रेंज के सुरेंद्र सिंह, विभागीय कर्मचारियों के अलावा एच.एन.बी. गढ़वाल विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान विभिन्न वन पंचायतों के सरपंच भूपेन्द्र कुमार, सतीश रतूड़ी, जयकृष्ण नौटियाल, भगवान सिंह और लक्ष्मण सिंह भी मौजूद थे।