रुद्रप्रयाग मुख्यालय स्थित पुनाड़ पांडव चौक में पांडव लीला चल रही है। प्राचीन पुंडेश्वर मंदिर से अस्त्र शस्त्रों को पांडव चौक लाया गया। जिसके बाद पूजा अर्चना के साथ पांडवों का अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य शुरू हो गया है। ब्राह्मणों द्वारा सुबह पांडव चौक में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर कई देवी देवता अवतरित हुए। वहीं भीमसेन और अन्य देव पश्वा पुंडेश्वर मंदिर पहुंचे, और यहां से पांडवों के बाण लेकर पांडव चौक पहुंचे। जहां मंदिर के अंदर अस्त्र शस्त्रों का विधिवत पूजन किया गया। बाद में स्थानीय देवी देवताओं के अवतरण के साथ पांडवों पश्चाओं ने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। पांडव लीला में हनुमान के अवतरण व भगवान कृष्ण के कई आकर्षक दृश्य देखने को मिले। इस दौरान बड़ी संख्या श्रद्धालु और स्थानिय लोग पांडव नृत्य देखने पहुंचे, जहां पांडव पाश्वों ने उन्हें आशीर्वाद दिया। पांडव नृत्य एवं शिव समिति पुनाड़ के सहयोग से पुनाड़ पांडव चौक में पांडव लीला का भव्य मंचन हो रहा है। पांडव नृत्य एवं शिव समिति के अध्यक्ष प्रकाश भारती एवं सचिव सुनील नौटियाल ने बताया कि पांडव नृत्य में सोमवार को (बाण पूजा) अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन किया गया। 15 दिसम्बर को महादेव पूजन, 20 को गैंडा कौथिग, 21 को गंगा स्नान, 22 को हाथी कौथिग, 23 दिसम्बर को मौरु डाली कौथिग के साथ पांडव नृत्य का समापन किया जाएगा। उन्होंने नगर से अधिक से अधिक संख्या में लोगों को पांडव लीला देखने के लिए पांडव चौक पुनाड़ आने का आह्वान किया है।