रुद्रप्रयाग मुख्यालय स्थित पुनाड़ पांडव चौक में भूमि पूजन और हनुमान ध्वजारोहण के साथ पांडव नृत्य का विधिवत शुभारंभ हो गया। इस दौरान ब्राह्मणों ने पांडव चौक और अग्नि की पूजा की जिसके बाद इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। पहले दिन कई देवी-देवता अवतरित हुए। पांडव नृत्य एवं शिव समिति पुनाड़ के सहयोग से पुनाड़ पांडव चौक में पांडव लीला में परम्परानुसार सभी पांडव पश्वाओं के साथ ही अन्य देव पश्वाओं को संकल्प सूत्र बांधा गया, जिससे वे नियमव्रत पर रहते हुए इस अनुष्ठान को संपंन करने में अपनी भूमिका निभाएं। इसके बाद शंकरनाथ, भैरवनाथ, धारी देवी सहित कई स्थानीय देवी देवता अवतरित हुए। इसके साथ ही हनुमान को भी अवतरित किया गया। अंत में भीम के पश्वाओं को अवतरित कराते हुए इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। पांडव नृत्य एवं शिव समिति के अध्यक्ष प्रकाश भारती एवं सचिव सुनील नौटियाल ने बताया कि पांडव नृत्य में 8 दिसम्बर को (बाण पूजा) अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन किया जाएगा। 15 दिसम्बर को महादेव पूजन, 20 को गैंडा कौथिग, 21 को गंगा स्नान, 22 को हाथी कौथिग, 23 दिसम्बर को मौरु डाली कौथिग के साथ पांडव नृत्य का समापन किया जाएगा।