साहब, खनन विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में खड़िया खनन से हमारे गांव को गंभीर खतरा बताया है। इसके बाद भी खनन जारी है जिससे हमारे घर खतरे में आ गए हैं। यह कहना है कि 100 किमी दूर से जिला मुख्यालय पहुंचे बेड़ीनाग तहसील के बेलड़ाआगर के ग्रामीणों का। कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने खड़िया खनन रोकने की मांग के लिए प्रदर्शन भी किया। बेलड़ाआगर की महिलाएं और पुरुष कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हमारे गांव के ऊपरी हिस्से में खड़िया खनन किया जा रहा है। नियमों के खिलाफ खड़िया खनन से उनके गांव को खतरा पैदा हो गया है। पूर्व में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर खड़िया खनन में लगीं दो पोकलेन मशीनों को सीज कर इनका संचालन न करने के आदेश जारी किए। इस आदेश और कार्रवाई को दरकिनार कर फिर से मशीनों से खनन शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में की गई शिकायत के बाद जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में खड़िया खनन से गांव को खतरा बताया था। फिर से खनन किया जा रहा है जिससे गांव में कई मकान खतरे में आ गए हैं। हालात यह हैं कि प्रभावितों के लिए घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। यदि खनन पर रोक नहीं लगी तो इससे भविष्य में जनहानि भी हो सकती है। बाद में ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर खड़िया खनन पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि खनन पट्टे को निरस्त कर उनके गांव को खतरे से नहीं बचाया गया तो वे कलक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर देंगे। प्रदर्शन करने वालों में प्रधान कौशल्या देवी, केशर राम, दरपान राम, कमला देवी, बीना देवी, बसंती देवी, पुष्कर राम, भावना देवी, साजन कुमार सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। बोले ग्रामीण खड़िया खनन से हमारा गांव खतरे में आ गया है। यदि उचित कदम नहीं उठाए तो हमारे गांव का वजूद मिटने में देर नहीं लगेगी। - गीता देवी हमें अपने परिवार की चिंता सता रही है। ऐसा इसलिए कि खड़िया खनन से पूरा गांव खतरे में है। यदि इसे रोका नहीं गया तो बड़ी घटना हो सकती है। - हंसा देवी नियमों के खिलाफ पोकलेन मशीनों से खनन किया जा रहा है। यदि इसे रोका नहीं गया तो हमें इसका बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। - भावना देवी प्रशासन की जांच रिपोर्ट में हमारे गांव को खनन से खतरा बताया गया है। इसके बाद भी खनन जारी है। यह शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही है। - माया देवी