आखिरकार तीन साल बाद फिर से सीमांत जिले के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनेंगे। देश में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) की दस्तक से सीमांत जिले में भी स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। विभाग ने कोरोना की तरह माने जाने वाले इस वायरस से निपटने और लोगों को इससे सुरक्षित बचाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के मुताबिक पहले चरण में जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड तैयार होंगे। हर संदिग्ध मरीज की जांच होगी। विभाग के मुताबिक कोरोना काल में मिले संसाधन इस वायरस से निपटने के लिए काफी होंगे। कोरोना काल में जिले के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार हुए थे। हालात सामान्य होने के बाद वर्ष 2021 में आइसोलेशन वार्ड सामान्य वार्ड में बदल गए। फिर से देश में एचएमपीवी की दस्तक से तीन साल बाद अस्पतलों में आइसोलेशन वार्ड अस्तित्व में आएंगे। सीमांत जिले में भी स्वास्थ्य विभाग को एचएमपीवी से निपटने की गाइडलाइन जारी हुई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस वायरस से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में शुरुआती दौर में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार होगा। वार्ड में पूर्व से ही ऑक्सीजन सहित अन्य जरूरी संसाधन मौजूद हैं जो इस वायरस से ग्रसित लोगों को सुरक्षित बचाने में कारगर साबित होंगे। इसके अलावा हर सीएचसी को भी तीन-तीन बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश जारी हुए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पूर्व से ही विभाग के पास 50 से अधिक वेंटिलेटर मौजूद हैं जो इस वायरस की लहर में लाभकारी साबित बनेंगे। जल्द ही संदिग्ध मरीजों की जांच भी शुरू होगी। सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल ने कहा कि एचएमपीवी की देश में दस्तक के बाद इससे निपटने की गाइडलाइन जारी हुई है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में शुरुआती दौर में आईसोलेशन वार्ड तैयार होंगे। कोरोना की तरह इस वायरस से निपटने के लिए जरूरी संसाधन मौजूद हैं। संदिग्धों की जांच भी शुरू होगी। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं जागरूक होने की जरूरत है। कोरोना काल की तरह की लोगों को सावधानी बरतनी होगी।