कांग्रेस की ब्लॉक प्रमुख उम्मीदवार पूजा देवी ने भाजपा से ब्लॉक प्रमुख की उम्मीदवार मंजुला देवी के जनजाति प्रमाण पत्र पर सवाल उठाते हुए निरस्त करने की मांग की है। धारचूला के विधायक हरीश धामी ने भी सत्ता के दबाव में जनजाति के लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी है। तहसीलदार को सौंपे शिकायत पत्र में उन्होंने कहा है कि मंजुला देवी का मायका दार्चुला नेपाल में हैं। पत्र में आरोप लगाया है कि मंजुला देवी ने अपने माता-पिता के नेपाल के नागरिक होने के तथ्य को छुपाया है। उन्होंने अनुसूचित जन जाति का जो प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है वह वह गलत तरीके से दस्तावेज के आधार पर बनाया गया है। उन्होंने गलत दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की मांग उठाई। क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने भी प्रमाण पत्र पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा की अधिगृहित उम्मीदवार जनजाति की महिला नहीं हैं। मंजुला देवी के मायके की जाति बोहरा है। विधायक धामी ने प्रमाण पत्र निरस्त करते हुए प्रमाण पत्र बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। यदि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो वह हाईकोर्ट जाएंगे। इस मामले में तहसीलदार दमन शेखर राणा का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र शासनादेश और मानकाें के हिसाब से दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया। मानकों के अनुरूप दस्तावेज नहीं होने पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाता है।