रं कल्याण संस्था की ओर से अंतरराष्ट्रीय भाषा दिवस रं ल्वो ज्या के दूसरे दिन साहित्योत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं के संस्था गीत से हुआ। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मुख्य संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल ने कहा कि साहित्य सृजन एवं लेखन आज की आवश्यकता है। पुरानी संस्कृति रीति-रिवाज एवं परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचने में साहित्य ही महती भूमिका निभा सकता है। पुराने समय से चला आ रहा साहित्य ही आज का साक्षी माना जाता है। ऐसे में युवाओं को पठन-पाठन एवं लेखन में आगे आकर समाज को नई दिशा देनी चाहिए।