चीन और नेपाल सीमा से सटे व्यास घाटी के 10500 फुट की ऊंचाई में बसा ग्राम पंचायत गुंजी में बने मतदान केंद्र में मतदान जारी है। अन्य छह गांवों में भी मतदान जारी है। बुजुर्ग और युवाओं में मतदान को लेकर काफी उत्साह नजर आया। व्यास घाटी में मतदान केंद्र होने के कारण धारचूला, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, देहरादून आदि शहरों में रहने वाले ग्रामीण अपने गांव में मतदान को जाने के लिए बुधवार को चेतलधार नामक जगह में सड़क बंद होने के कारण पहले 12 घंटे सड़क खुलने का इंतजार करते रहे और बीआरओ द्वारा रात्रि दस बजे सड़क खोले जाने के बाद वाहन द्वारा देर रात तीन बजे तक ग्रामीण सकुशल पहुंचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी (12303 फुट) के ग्रामीण और पोलिंग पार्टी पहली बार सड़क मार्ग से मतदान केंद्र पहुंचे। कुटी के निवासी कुंवर सिंह और गोपाल सिंह ने बताया कि बीआरओ की ओर से दो-तीन साल पूर्व कुटी तक सड़क पहुंचाने के बाद पहली बार निचली घाटी में रहने वाले ग्रामीण पहली बार वाहन से मतदान करने गांव पहुंचे। बता दें कि व्यास घाटी के सात गांवों में बने 9 केंद्रों में पोलिंग पार्टी मंगलवार को ही पहुंच गई थी। कुटी मतदान केंद्र सबसे दूर और सबसे ऊंचाई में बना है