मुनस्यारी और बंगापानी तहसील के आपदा प्रभावितों ने बृहस्पतिवार को एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विक्रम दानू के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम योगेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विस्थापन किए जाने और उनके क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि बोना, तोमिक, गोल्फा, बिंदी, उमडाडा, आलम, झापुली, भैंसखाली, भैलथौड़, रतगड़ी, जोशा और मालुपाली में आपदा से काफी नुकसान हुआ था। भूस्खलन से उनके मकान खतरे की जद में आ गए जिस कारण उन्हें टेंटों में शरण लेनी पड़ी। आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और पैदल रास्तों का सुधारीकरण अब तक नहीं हो सका है। नौ महीने बीतने के बाद भी उनके गांवों का भूगर्भीय सर्वेक्षण नहीं हो सका है। साथ ही उक्त क्षेत्रों में अब भी जमीन लगातार खिसक रही है। मानसून नजदीक है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हमारी समस्याएं सुनने के लिए मुनस्यारी, बंगापानी और तेजम तहसील में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में लक्ष्मण विश्वकर्मा, हरीश सिंह, मनोज चुलकोटिया, राहुल कठायत, नरेंद्र कठायत, राहुल तोमक्याल, ईश्वर सिंह, जीवन सिंह, संदीप सिंह, अनिल सिंह आदि शामिल रहे।