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VIDEO: पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर डामरीकरण में बड़ा खेल, 20 दिन में उखड़ी सड़क; बीआरओ की कार्यशैली पर उठे सवाल

पिथौरागढ़ में सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर आवाजाही सुगम बनाने के लिए डामरीकरण के नाम बीआरओ ने काला खेल खेला है। प्रशासनिक जांच में इसका खुलासा हुआ है। जब मामला सार्वजनिक होने पर प्रशासनिक अधिकारी जांच के लिए पहुंचे तो करीब 20 दिन पूर्व किया डामर उखड़ा मिला और सड़क पर बने गड्ढे साफ नजर आए। ऐसे में बीआरओ की कार्यशैली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। खुद भाजपा के जिम्मेदार नेता इस पर सवाल उठाते हुए इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बता रहे हैं। आदि कैलाश, कैलाश मानसरोवर, दारमा, व्यास और चौंदास घाटी को जोड़ने वाला धारचूला हाईवे पर्यटन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यही सड़क देश को चीन सीमा से जोड़ती है। इसी सड़क के होकर भारतीय सैनिक देश की सुरक्षा के लिए चीन सीमा तक पहुंचते हैं। हाईवे पर सफर आसान बनाने के लिए बीते दिनों पलेटा से आगे करोड़ों रुपये से डामरीकरण शुरू हुआ। सिर्फ हाईवे को काला कर बीआरओ ने जिम्मेदारी निभा दी। कुछ दिन बाद ही डामर उखड़ने से फिर से सड़क बदहाल होकर गड्ढों में तब्दील हो गई। इस लापरवाही को संवाद न्यूज एजेंसी ने बीते 20 दिसंबर के अंक में सड़कों को काला करने का खेल, आगे डामर हो रहा, पीछे से उखड़ रहा शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन नींद से जागा और इसकी जांच के निर्देश जारी हुए। बीते दिनों प्रशासनिक अधिकारी जांच के लिए पहुंचे। गुड़ौली के पास आगे से डामर किया जा रहा था जो पीछे से उखड़ रहा था। यहां डामर उखड़ने से बने गड्ढे साफ नजर आए। अधिकारियों ने भी माना है कि डामर की गुणवत्ता सही नहीं है। मामला केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री तक भी पहुंचा तो डामर रोकने के निर्देश जारी हुए हैं। वहीं इस लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं इसका जवाब देने से सभी बच रहे हैं।

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