जल जीवन मिशन के नाम पर गंगोलीहाट में अनियमितताएं सामने आई हैं। क्षेत्र की 62 पेयजल योजनाओं के लिए तीन साल पहले 10 करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान कर दिया गया। इनमें से ज्यादातर योजनाओं का अस्तित्व सिर्फ फाइलों में है। जिन योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है वहां नल आज भी सूखे हैं। एक आरटीआई में इसका खुलासा होने के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं। चार साल पहले प्रस्तावित 50 करोड़ रुपये की इन योजनाओं को 2022-23 में पूरा होना था। इनको 2022-23 में पूरा होना था। ग्रामीणों की परेशानी आज भी जस की तस है लेकिन अफसरों ने सरकारी रिकाॅर्ड में पेयजल क्रांति ला दी। ये योजनाएं धरातल पर नहीं उतरीं तो क्षेत्र के मदन सन्याल ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी। आरटीआई के जवाब से सामने आया कि स्वीकृति के तुरंत बाद भारी धनराशि तो निकाल ली गई मगर निर्माण ने रफ्तार नहीं पकड़ी। जिन योजनाओं को कागजों पर पूर्ण दिखाया गया है इसके तहत लगे नलों से पानी की एक बूंद आज तक नहीं टपकी है।