पिथौरागढ़ में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ‘प्रोजेक्ट-21’ के तहत जनपद पिथौरागढ़ और तिब्बत की सीमा से जुड़े सात अंतरराष्ट्रीय दर्रों की साहसिक यात्रा पर रवाना हुए। कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी और 14वीं बटालियन आईटीबीपी कमांडर आरबीएस कुशवाहा ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। डीएम ने सीडीओ डॉ. सैनी के इस साहसिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा जनपद के लिए गौरव का क्षण है। डॉ. सैनी का यह प्रयास एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करेगा। सीडीओ ने बताया कि प्रोजेक्ट-21 का उद्देश्य उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं की तलाश करना और वाइब्रेंट विलेज की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत वह वाइब्रेंट विलेज का भ्रमण करते हुए सात अंतरराष्ट्रीय दर्रों की चढ़ाई करेंगे। ज्यादातर दर्रों की ऊंचाई लगभग 5500 मीटर से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट-21 के प्रथम चरण में वर्ष 2023 में जनपद चमोली के 10 दर्रों की चढ़ाई की जा चुकी है जबकि तृतीय चरण में उत्तरकाशी जनपद के चार दर्रों की चढ़ाई की जाएगी। इस तरह कुल 21 दर्रों की चढ़ाई पूरी की जाएगी। यह परियोजना पूरी होने पर एक व्यक्ति के 21 दर्रों की चढ़ाई का अनूठा कीर्तिमान बनेगा। सीडीओ डॉ. सैनी ने इस परियोजना में सहयोग के लिए पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल, ग्रामीण विकास सचिव राधिका झा, आयुक्त कुमाऊं डॉ. दीपक रावत, जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी और भारतीय सेना ब्रिगेड कमांडर 119 (आई) ब्रिगेडियर गौतम पठानिया के साथ ही भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 14वीं/ 36वीं और सातवीं बटालियन का आभार व्यक्त किया।