पिथौरागढ़ में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूलों में हमसे शौचालय भी साफ करवाए जा रहे हैं। हमसे राशन, रसोई गैर सिलिंडर भी ढुलवाया जा रहा है और इसके लिए कोई भाड़ा नहीं दिया जा रहा है। विभाग और स्कूल प्रबंधन हमारा उत्पीड़न कर रहा है यह कहा भोजनमाताओं ने। जिले भर की भोजनमाताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। सोमवार को संगठन की अध्यक्ष जानकी भंडारी के नेतृत्व में जिले भर की भोजनमाताएं कलक्ट्रेट पहुंची और प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से 18 हजार मानदेय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने, साल में दो पोषाक और जूते देन, 12 महीने का मानेदय देने और साल में 10 अवकाश देने की मांग कर रही हैं। सरकार इसके लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सम्मानजनक मानदेय देने से तो हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं। इससे उलट स्कूलों में हमारा उत्पीड़न हो रहा है। हमें बच्चों के लिए मिड डे मील तैयार करने के लिए नियुक्त किया गया है। स्कूलों में हमसे विद्यालय परिसर के साथ ही शौचालयों की सफाई करवाई जा रही है। स्कूल बंद होने पर भोजनमाता को सेवा से बाहर कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद होने पर संबंधित भोजनमाता को अन्य विद्यालय में संबद्ध किया जाना चाहिए। इस दौरान भोजनमाताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। प्रदर्शन करने वालों में रेनू भंडारी, कमला पंत, सरोज कापड़ी, सुनीता देवी, पार्वती देवी, मीना देवी, लक्ष्मी देवी, सुनीता बिष्ट, पूजा चंद, नंदा देवी, आनंदी देवी सहित कई भोजनमाताएं शामिल रहीं।