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मुनस्यारी के गांवों में सड़क के अभाव में बर्बाद हो रही आलू-राजमा की फसल

पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी विकासखंड के गोल्फा, बोना और तोमिक गांव आलू और राजमा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां हर साल 40 टन से अधिक आलू और 15 टन से अधिक राजमा का उत्पादन होता है। फसल तैयार है और किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। ऐसा इसलिए कि पांच साल बाद भी गांवों तक सड़क नहीं पहुंची है। ऐसे में किसानों के लिए आलू और राजमा को सात से 15 किलोमीटर दूर पहुंचाना चुनौती भरा होता है। इसमें भाड़ा अधिक लगने से लागत भी नहीं निकल पाती। ऐसे में किसान इन उत्पादों को बाजार पहुंचाने से हाथ पीछे खींचते हैं और आलू, राजमा खेतों और घरों में सड़कर बर्बाद होता है। फसल तैयार होते ही किसानों की चिंता फिर से बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि गांवों तक सड़क पहुंचती तो उन्हें भी अपनी मेहनत का उचित फल मिलता और उनकी आजीविका में सुधार होता।

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