श्रीनगर। गाय को पशुओं की सूची से अलग कर उसे ''राष्ट्र माता'' का दर्जा देने की पुरजोर मांग को लेकर गोपाल मणी महाराज ने रविवार को श्रीनगर में आयोजित पत्रकारवार्ता मे कहा कि गाय केवल एक साधारण पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवनशैली का एक अभिन्न अंग है। यह मांग देश भर के विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा वर्षों से उठाई जाती रही है।गोपाल मणी महाराज ने वेदों और पुराणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें गाय को सदैव पूजनीय स्थान दिया गया है। जब तक गाय को ''राष्ट्र माता'' का प्रतिष्ठित दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक उसकी सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करना कठिन होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में अविलंब कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि गाय संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिल सके। गोपाल मणी महाराज ने कहा कि गाय को केवल पशुधन के रूप में देखना उसकी गरिमा के साथ अन्याय है।