राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने नैनीझील में पर्यटकों को सैर कराने वाले नाव चालकों के लिए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नाव चालकों को आपातकालीन स्थितियों में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना था ताकि वे किसी भी हादसे के दौरान तत्काल जान बचा सकें। मल्लीताल बैंड स्टैंड में नाव चालकों को व्यावहारिक रूप से कई जीवन रक्षक तकनीकें सिखाईं। इसमें मुख्य रूप से पानी में डूबते हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वाटर रेस्क्यू के तरीके, हृदय गति रुकने या सांस न आने की स्थिति में दी जाने वाली सीपीआर प्रक्रिया और किसी दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए कंट्रोल ब्लीडिंग के उपायों का गहन अभ्यास कराया गया। इंस्पेक्टर कनिष्क पांगती ने बताया कि नाव चालक जल पर्यटन का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी सजगता किसी भी बड़े हादसे को टालने में निर्णायक साबित होती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी नाव चालकों ने इन कौशलों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया। इस मौके पर महेश खनेरा, नरेश, चंद्र बहादुर, शिवराज नेगी, अमन महाजन और जफ़र अली सहित नाव चालकों ने हिस्सा लिया।