नैनीताल जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के कामकाज में लापरवाही और अधिकारियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं होगी। जनता की शिकायतों की अनदेखी और विकास कार्यों में शिथिलता पर सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। शुक्रवार को आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री भावना मेहरा ने प्राधिकरण सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों की गैरहाजिरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और मौके से ही फोन करवाकर उन्हें फटकार लगाई। राज्यमंत्री ने साफ कहा कि प्राधिकरण का काम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना और व्यवस्थित निर्माण को बढ़ावा देना है। इसके बावजूद लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ें, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा आमजन के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान शिथिलता मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही अधिकारियों को केवल कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट लेने के बजाय मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। राज्यमंत्री ने नगरपालिकाओं और नगर निगम क्षेत्रों में आवंटित आवासों की जानकारी भी ली। वहीं, जिला पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों में आवासीय भवनों के मानचित्र स्वीकृत करने के दौरान मार्गों की चौड़ाई संबंधी नियमों में आवश्यक शिथिलीकरण करने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को नियमानुसार राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी, लापरवाही और जनसमस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। जनता को राहत देना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है।इससे पूर्व अधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बैठक में पूर्व पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, मनोज भट्ट, मनोज जोशी, लता दफौटी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और नगर निगम, जिला पंचायत, नगरपालिका, पर्यटन, विद्युत, उरेडा एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।