बदलती जीवनशैली, सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग और गलत खानपान के कारण युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। सुशीला तिवारी हॉस्पिटल के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में तनाव, अवसाद और चिडचिड़ेपन जैसी मानसिक समस्या लेकर रोजाना युवा पहुंच हे हैं। एसटीएच में मानसिक रोग विशेषज्ञ और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निकिता देऊपा ने बताया रोजाना ओपीडी में 60 से 70 रोगी परामर्श लेने आते हैं। इनमें 25 से 30 युवा तनाव अवसाद और चिड़चिड़ापन बढ़ने से पीड़ित होते हैं। डॉ. देऊपा ने बताया कि 25 से 35 वर्ष के युवाओं में खराब लाइफस्टाइल, रोजगार की चिंता और रिलेशनशिप में उतार-चढ़ाव एकसाथ चलता है। सोशल मीडिया की चकाचौंध भरी जिंदगी जीने का सपना देखने के बाद वास्तविकता से सामना होने पर उनके भीतर डिप्रेशन जन्म ले रहा है।