चंपावत जिले के एकमात्र काश्तकार तारादत्त पंगरिया औषधि गुणों से भरपूर काला गेहूं और काली हल्दी की खेती कर रहे हैं। दोनों फसलों की असाधारण स्वास्थ्य विशेषताओं के चलते उन्होंने इसके उत्पादन का निर्णय लिया। राकड़ीफुलारा निवासी प्रगतिशील काश्तकार तीन साल से 45 नाली भूमि में काला गेहूं और 40 नाली भूमि में काली हल्दी की खेती कर रहे हैं। अब तक वह 20 क्विंटल गेहूं का उत्पादन कर बेच चुके हैं। काला गेहूं का आटा प्रतिकिलो 600 रुपये बिक रहा है। अधिकांश आटा हरियाणा ही भेजा जाता है। स्थानीय स्तर पर थोड़ी मात्रा में उन्हें आटे के 700 रुपये किलो तक दाम मिल जाते हैं।