थराली के चेपड़ों क्षेत्र में आई आपदा के तीन माह बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाये हैं। टूटी दुकानें और जगह-जगह फैला मलबा अभी भी उस भयानक मंजर की याद दिला रहा है। सड़क से मलबा जरूर हटा लिया गया है लेकिन बांकी मलबा अभी जस के तस है। जिन व्यापारियों की दुकानें आपदा में बह गई थी उनको किसी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं मिल पाया है। जिससे उनकी जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। आपदा में लापता बुजुर्ग गंगा दत्त का पता नहीं चल पाया है हालांकि प्रशासन ने अब उन्हें मृत मान कर आगे की कार्यवाही करने की अनुशंसा कर दी है। आपदा में अपना सब कुछ गंवा चुके लक्ष्मी प्रसाद और रमेश चंद्र क कहना है कि प्रशासन ने कई बार सर्वे कर दी है लेकिन अभी तक उन्हें किसी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं मिला है यदि समय पर मुआवजा मिल जाय तो वे अपनी रोजी-रोटी के लिए फिर से प्रयास करने की कोशिश करेंगें। वहीं तहसीदार अक्षय पंकज ने बताया कि आपदा में जिन लोगों की दुकानें बह गई हैं उनका सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है शासन जो मुआवजा तय करेगा उसी के अनुसार प्रभावितों को मुआवजा दिया जायेगा।