महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर थाना पोखरी पुलिस ने जागरूकता का बिगुल फूंका। राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज पोखरी में आयोजित गोष्ठी में छात्राओं को न केवल उनके अधिकार बताए गए, बल्कि यह भी समझाया गया कि किसी भी तरह के उत्पीड़न पर चुप रहना नहीं, बल्कि आवाज उठाना ही सबसे बड़ा हथियार है। थानाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार पंत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निषेध, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम-2013 की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को हर प्रकार के शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है। सरकारी, अर्धसरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत महिलाओं के लिए यह कानून एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। गोष्ठी में स्पष्ट किया गया कि किसी महिला को गलत तरीके से छूना, अश्लील टिप्पणी करना, यौन संबंध के लिए दबाव बनाना या आपत्तिजनक सामग्री दिखाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा, कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि वे अपने अधिकारों को पहचानें और किसी भी प्रकार की घटना होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। चुप्पी अपराधियों को बढ़ावा देती है, जबकि जागरूकता और साहस उन्हें रोकता है।