फ्यूलानारायण के कपाट शुक्रवार को विधि विधान के साथ ठीक एक बजे श्रदालुओ के लिये खोल दिये है, इस वर्ष भगवान प्यूलानारायण में पूजा अर्चना की जिम्मेदारी विवेक रावत व महिला पुजारी राजेश्वरी देवी को दी गई है। भारत वर्ष मे यह अकेला एक ऐसा मंदिर है जिसमें महिला पुजारी के द्वारा भगवान विष्णु का फूलों से श्रृंगार करती है। फ्यूलानारायण यहां भगवान विष्णु के चतुर्भुज मूर्ति विराजमान है। मूर्ति के साथ ही महालक्ष्मी जी जय विजय नामक द्वारपाल विराजमान है। यहां पर भूमियाल देवता, घंटा कर्ण वन देवी नंदा सुनंदा दाणू देवता की पूजा की जाती है। कपाट खोलने के समय पर पांच नाम देवता की पुजारी अब्बल सिंह पंवार, मेला समिति भरकी भेंटा के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत, पूर्व प्रधान भरकी मंजू देवी, लक्ष्मण सिंह रावत, सुभाष सिंह, दाणी के पश्वा रणजीत सिंह चौहान, प्रशांत सेमवाल पंडित, भरत सिंह नेगी इस वर्ष के पुजारी विवेक पंवार, महिला पुजारी राजेश्वरी देवी (राजी देवी) है। यहां पर महिला पुजारी के लिए 10 साल से छोटी उम्र की कन्या और 50 साल से ऊपर की महिला पुजारी हो सकती है। बड़ी संख्या में महिला पुरुष भगवान नारायण के कपाट खुलने के समय में उपस्थित थे।