चमोली जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसका असर दिल के मरीजों पर बहुत अधिक पड़ रहा है। खासकर ज्योतिर्मठ जैसे ठंडे इलाके में दिल की समस्या से जुड़े मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं चमोली जिले में कहीं भी हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) नहीं है। ऐसे में हृदय रोग के मरीज को उपचार के लिए ऋषिकेश, देहरादून या अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। ठंड बढ़ने से सर्दी जुकाम के मरीज तो बढ़ ही रहे हैं साथ ही दिल की समस्या वाले मरीजों में भी इजाफा हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ में सीने में दर्द, दबाव महसूस होना या अन्य तरह की समस्या के मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस बार ऐसे मरीजों की संख्या पिछले सालों के मुकाबले दो गुनी हो गई है। अस्पताल में हर दिन तीन से चार इस तरह के मरीज आ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में यहां करीब 40 मरीज हृदय से बीमारी वाले आए हैं। सीएचसी ज्योतिर्मठ के डॉ. गौतम भारद्वाज कहते हैं कि ठंड में शरीर में खून को सप्लाई करने वाली नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे हृदय गति रुकने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा भोजन न करें जिससे कॉलेस्ट्रॉल बढ़े। इससे हार्टअटैक की आशंका बढ़ जाती है।