थराली ग्वालदम स्थित नशा मुक्ति केंद्र का आज प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। समग्र ग्रामीण विकास समिति संस्था ग्वालदम द्वारा संचालित यह केंद्र पूरी तरह फर्जी पाया गया। उपजिलाधिकारी पंकज भटट ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र के पर कोई भी वैध दस्तावेज नहीं थे। समिति ने जिन 15 सदस्यों का रजिस्ट्रेशन केंद्र पर दिखाया है जिसमें डाक्टर, नर्स, योगा इंस्ट्रक्टर आदि के कोई डिग्री वैध नहीं पाई गई। डाक्टर की डिग्री आंध्र प्रदेश में रजिस्ट्रड है, जिससे एडिड कर मनोज भटट के नाम से दिखाया गया है। जबकि यह व्यक्ति बिना लाइसेंस के ग्वालदम में मेडिकल स्टोर चलाता है। इसके पास कोई मेडिसन मेंटेंन रजिस्ट्रर भी नहीं पाया गया नशा मुक्ति केंद्र में जो दवाईयां पाई गई वे सभी एक्सपायर डेड की मिली। यहां पर सीसीटीवी भी खराब पाये गये। ओपीडी कक्ष में सभी उपकरण जैसे स्पेगनोमीटर, वजन मशीन सभी बदं मिली। एसडीएम ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। संस्था के साथ ही मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की प्रकिया जी जाएगी और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी। यह संस्था 15 सालों से अवैध रूप से चल रही है और समाज कल्याण से करोड़ों का बजट हजम कर चुकी है।