राज्य स्थापना दिवस समारोह के तहत जिला प्रशासन की ओर से राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह से पहले राज्य आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन किया। राज्य स्थापना के बाद से राज्य में बढ़ रहे पलायन, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को दूर करने की मांग की। शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से तहसील सभागार में जिले के राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान तहसील परिसर में पहुंचे राज्य आंदोलनकारियों ने शहीद स्मारक के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। राज्य आंदोलनकारी हीराबल्लभ भट्ट ने कहा कि रजत जयंती वर्ष में भी राज्य के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने महज एक शॉल के लिए राज्य गठन की लड़ाई नहीं लड़ी। जिले में जंगली जानवरों की धमक से खेती चौपट हो चुकी है। जिले में एक भी उद्योग का निर्माण नहीं हुआ है। राज्य आंदोलनकारी भुवन कांडपाल ने कहा कि पृथक राज्य की अवधारण आज भी राज्य आंदोलनकारियों के अनुरूप पूरी नहीं हो पाई है। विधानसभा सत्र में मैदानी क्षेत्र के विधायक गैरसैंण राजधानी का विरोध कर रहे हैं। राज्य आंदोलनकारियों की स्थिति दिहाड़ी मजदूर से भद्कमजोर बनी हुई है। राज्य आंदोलनकारी रमेश पांडेय ने कहा कि यह उत्सव मनाने का नहीं बल्कि समीक्षा करने का समय था। 63 प्रतिशत लोगों की सहमति के बाद भी गैरसेंण को राजधानी नहीं बनाया गया है। उन्होंने सम्मान समारोह की बजाय आंदोलनकारियों के सपनों का राज्य बनाने की मांग की। बाद में जिला प्रशासन की ओर से राज्य आंदोलनकारियों को मनाकर सम्मान समारोह का आयोजन किया।