बागेश्वर जिले के कपकोट में राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता का आगाज हो गया है। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न प्रदेशों से 80 पायलट भागीदारी कर रहे हैं। पहले दिन 30 पायलटों ने जालेख की पहाड़ियों ने उड़ान भरी और केदारेश्वर मैदान में सफल लैंडिंग की। इस दौरान क्षेत्रवासियों को आसमान में कौतूहल और रोमांच का संगम देखने को मिला। बृहस्पतिवार को केदारेश्वर मैदान में पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढि़या और डीएम आकांक्षा कोंडे ने किया। विधायक गढि़या ने कहा कि कपकोट में राष्ट्रीय स्तर की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता का आयोजन क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। पर्यटन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रैक रूटों, रेस्ट कैंपों और आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। पीएमजीएसवाई अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि पैराग्लाइडिंग को पर्यटन व्यवसाय से जोड़ा जाए तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। डीएम आकांक्षा कोंडे ने कहा कि जिले में देशभर से पैराग्लाइडर्स का आना गर्व की बात है। इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और समग्र विकास को गति मिलती है। युवा वर्ग को नए अवसर और प्रेरणा प्राप्त होती है। उन्होंने प्रतिभागियों से सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करने की अपील करते हुए सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने को कहा। इस मौके पर विधायक पार्वती दास, जिपं अध्यक्ष शोभा आर्या, ब्लॉक प्रमुख भावना शाही, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष गीता ऐठानी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रभा गड़िया, सीडीओ आरसी तिवारी, जगदीश जोशी आदि मौजूद रहे। जालेख से केदारेश्वर के लिए पहली उड़ान पायलट पूरन सिंह ने भरी। प्रतियोगिता के लिए 92 पायलटों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि 12 पायलट नहीं पहुंचे हैं। जिले के 11 पायलट प्रतियोगिता में भागीदारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपये, दूसरे स्थान वाले को 50 हजार और तीसरे स्थान वाले को 30 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।