फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar: पहली बैठक में उठी उत्तरायणी कौतिक को राजकीय मेला घोषित करने की मांग

हीरा मेहरा Updated Wed, 03 Dec 2025 02:29 PM IST

आगामी जनवरी में होने वाले उत्तरायणी कौतिक की पहली तैयारी बैठक में मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग जोरशोर से उठी। डीएम कोंडे ने इसे भव्य रूप देने के लिए सभी विभागों से कार्ययोजना तैयार करने को कहा। बैठक में जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी मेला आकर्षक बनाने को लेकर अपने सुझाव दिए। जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में आर्य समाज के प्रधान गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि 1980 से उत्तरायणी को राजकीय मेला घोषित करने का आश्वासन मुख्यमंत्री दे रहे हैं। मुख्यमंत्री बीर बहादुर सिंह से लेकर पुष्कर सिंह धामी तक ने यह बात कही लेकिन आज तक मेला राजकीय घोषित नहीं हुआ। उत्तरायणी को तत्काल राजकीय मेला घोषित किया जाना चाहिए। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष दलीप सिंह खेतवाल ने मेले में स्थानीय कलाकारों को रात को मुख्य मंच से होने वाले कार्यक्रम में प्रतिभा दिखाने का मौका देने का सुझाव दिया। पीएमजीएसवाई अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तरायणी मेला जिले की सांस्कृतिक पहचान है। मेले को भव्य बनाने में सभी विभागों और जनता का सहयोग महत्वपूर्ण है। डीएम ने मेले के सौंदर्य को बढ़ाने के लिए सभी दुकानों में एक समान फ्लैक्सी बोर्ड लगाने और स्टॉलों में एकरूपता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरपालिका को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने, मुख्य स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट, डस्टबिन, अलाव की व्यवस्था करने और स्थायी शौचालयों में कार्मिकों की तैनाती करने के निर्देश दिए। मेले के दौरान पेयजल, कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बिजली, पार्किंग, पेट्रोल-डीजल की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अस्थायी पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने को कहा। इस मौके पर जिपं अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, डीएफओ आदित्य रत्न, सीडीओ आरसी तिवारी, एडीएम एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी आदि मौजूद रहे।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें