बागेश्वर में मैग्नेसाइट कंपनी झिरौली में कामकाज सुचारू होने के बाद भी हालात बदलते नहीं दिख रहे हैं। कंपनी के 48 लाख रुपये की रॉयल्टी जमा नहीं कर पाने से कंपनी का ई-रवन्ना बंद पड़ा है। मिनरल नहीं बिकने से कर्मचारियों को अब भी वेतन का इंतजार है। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से कंपनी को राॅयल्टी जमा करने में राहत प्रदान करने की मांग की है। सोमवार को अल्मोड़ा मैग्नेसाइट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शांति लाल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जिला कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन देते हुए बताया कि छह जनवरी 2025 से 25 फरवरी 2026 तक कंपनी को बंद रहने से 20 करोड़ का घाटा हुआ है। कर्मचारियों को करीब दो साल से वेतन नहीं मिला है। कंपनी के पास एकमुश्त रॉयल्टी जमा करने तक के रुपये नहीं है। वर्तमान में कंपनी में केवल क्रशर का काम चल रहा है। मिनरल डंप होता जा रहा है। क्रशर से मिलने वाली राशि से बिजली का बिल भुगतान और अन्य खर्चे भी पूरे नहीं हो रहे हैं। बताया कि तीन महीने बाद कर्मचारियों को पिछले सप्ताह पांच-पांच हजार रुपये का भुगतान हुआ है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की माली हालत लगातार खराब हो रही है। कई कर्मचारी नौकरी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। यूनियन ने डीएम से कंपनी को रॉयल्टी जमा करने में छूट देते हुए प्रतिमाह पांच लाख रुपये की किस्त के अनुसार भुगतान करने की अनुमति देने की मांग की। इस मौके पर यूनियन के सचिव गायत्री प्रसाद, सुरेंद्र सिंह करायत, सुरेंद्र लाल, नवीन सिंह नेगी, हर्ष सिंह रौतेला आदि मौजूद रहे।