बागेश्वर में डीएम अपूर्वा पांडेय की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें आपदा, पेंशन, बिजली, पानी और राजस्व से जुड़ी कुल 38 शिकायतें प्राप्त हुईं। डीएम ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया और शेष शिकायतों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया। सोमवार को डीएम पांडेय ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेताया कि उनका दायित्व केवल पत्राचार करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि काम धरातल पर दिखे और जनता को उसका वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने सभी विभागों को सीएम की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले की सड़कों को अनिवार्य रूप से गड्ढामुक्त रखने और निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने सीईओ को संवेदनशील मार्गों, पुलिया और झूलापुलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए जहां से बच्चों को गुजरना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने नगर क्षेत्र में बंदरों की धमक से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका को वन विभाग के साथ मिलकर प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए डीएम ने कम कॉलिंग प्रतिशत पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संपर्क की दर 70 प्रतिशत से अधिक करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम एनएस नबियाल, सीडीओ आरसी तिवारी आदि मौजूद रहे।