उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लीक होने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को चौघानपाटा में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने नारे लगाकर आक्रोश जताया। उन्होंने पेपर लीक प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। धरनास्थल पर हुई सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि आज भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा कोई पीड़ित है तो आज युवा है। धामी सरकार में सबसे ज्यादा युवाओं का उत्पीड़न हो रहा है। जिस तरह से भाजपा सरकार में पेपर लीक हो रहे हैं और भाजपा से जुड़े हुए लोगों की इसमें संलिप्ता पाई जा रही है उससे साफ स्पष्ट है कि भाजपा पेपर लिक करने वालों को संरक्षण देने का काम कर रही है। सीएम और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि प्रदेश में नकल, पेपर लीक और भर्तियों के घोटाले में भाजपा से जुड़े अनेक लोगों के नाम उजागर होते रहे हैं। इसलिए भाजपा सरकार सीबीआई की जांच से कन्नी काट रही है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले दिन ही इस मामले की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करवाने की मांग सरकार से की थी लेकिन सरकार इसे बचते आ रही है।