गोवर्धन पूजा पर ताकुला ब्लॉक के पाटिया में बग्वाल (पाषाण युद्ध) खेला गया। दो खामों में बंटे रणबांकुरों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थरों की बौछार की। एक घंटा चली बग्वाल में आठ रणबांकुरे चोटिल हुए। पाटिया और भटगांव का दल पहले पानी पीकर विजयी रहा। गोवर्धन पूजा के मौके पर पाटिया क्षेत्र में बग्वाल खेलने की परंपरा सदियों पुरानी है। बुधवार को परंपरा के मुताबिक यहां पाषाण युद्ध खेला गया। दो दलों के बीच बग्वाल हुई। एक दल में पाटिया और भटगांव के रणबांकुरे थे तो दूसरे में कोट्यूड़ा और कसून के ग्रामीण थे। ढोल नगाड़ों की गर्जना के बीच पाटिया के पचघटिया में गाय की पूजा के साथ पाषाण युद्ध का आगाज हुआ। पाटिया दल के रणबांकुरों के पत्थर मारने के बाद बग्वाल शुरू हुई। बग्वाल के घोष के बाद दोनों खामों (दलों) के योद्धा पचघटिया नदी के आरपार एकत्र हुए। इसके बाद पाषाण युद्ध हुआ। दोनों तरफ से रणबाकुंरों ने एक दूसरे पर पत्थरों की बौछार की। करीब एक घंटे तक चली बग्वाल में आठ रणबांकुरे चोटिल हुए।