अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर छिड़े विवाद में अब अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा भी खुलकर सामने आ गई है। अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हालिया बयान पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ी परिसर में रोजा इफ्तार और नमाज अदा की गई थी। उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े तथ्यों को झुठलाना इतिहास से इनकार करने जैसा है।