अगर इजराइल लाख यहूदियों के लिए अलग देश बनाया जा सकता है तो बांग्लादेश में एक करोड़ की 20 लाख की आबादी वाले हिंदुओं के लिए चटगांव वाले हिस्से को काटकर अलग देश क्यों नहीं बनाया जा सकता है। जब भारत में 23 प्रतिशत मुसलमान थे तो उन्हें देश की जमीन का 30 प्रतिशत हिस्सा देकर अलग देश दे दिया गया। आज वह भारत में हिंदू और हिंदुस्तान के रहमोकरम पर हैं। अगर उन्हें अलग देश चाहिए तो वह पाकिस्तान जाने के लिए स्वतंत्र हैं। उक्त बातें अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के महामंत्री और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कही।