वाराणसी के रोहनिया में सड़क चौड़ीकरण करने के लिए गांधी प्रतिमा को उखाड़कर फेंकने व भारत माता मंदिर जमीदोंज किए जाने पर योगी सरकार के इस दमनकारी फैसले से क्षुब्ध होकर हम समाजवादी कार्यकर्ता को टाउनहॉल में गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन सत्याग्रह किया। काशी के प्रतीक चिन्हों को विकास के नाम पर तोड़कर भाजपा सरकार वाराणसी की विरासत को ही खंडित कर देना चाहती है। गांधी चबूतरा और भारत माता मंदिर को सिर्फ तोड़ा ही नहीं गया बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को समाप्त करने की कोशिश की गई है। पिछले साल राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ व गांधी विद्या संस्थान परिसर को भी ध्वस्त करके जबरन क़ब्जा किया गया। विकास के नाम पर काशी की धरोहर और प्रतीक चिह्नों को लगातार नष्ट करके काशी की संस्कृति, इतिहास पर हमला किया जा रहा है। इसी तरह भाजपा सरकार ने कॉरिडोर निर्माण के नाम पर काशी की प्राचीन पहचान को मिटा दिया है और शहर के आध्यात्मिक-धार्मिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है। हम इस मोदी-योगी तानाशाही सरकार को बताना चाहते हैं कि गांधी की विरासत तो गिरा दोगे लेकिन उनके विचारों को कैसे मिटाओगे